भोपाल. युवा कांग्रेस के 7 साल बाद हो रहे चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। चुनाव प्रक्रिया के हिसाब से प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला महासचिव और जिला अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों को इंटरव्यू देना होगा, जिसमें पास होने के बाद ही वे चुनाव लड़ने के पात्र होंगे। इस नई व्यवस्था पर युवा नेताओं ने विरोध दर्ज कराया है और इंटरव्यू न देने की बात कही है।
ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस ने युवा कांग्रेस इकाइयों के चुनाव कराए जाने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है, जिसका अध्यक्ष अब्राहम राय मणि को बनाया है। वे सोमवार सुबह 10 बजे से पीसीसी में उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेंगे। प्रदेश कांग्रेस की युवा इकाई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक से चुनाव कराए जाने का विरोध कर रही है। यूथ विंग पुराने हिसाब से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की पक्षधर है। वहीं, आल इंडिया यूथ कांग्रेस के सुमित खन्ना पहले ही आल लाइन वोटिंग का कार्यक्रम घोषित कर चुके हैं।
एक दिन में कैसे तय होगी 15 साल की मेहनत
- प्रदेश में युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदारों में कृष्णा घाडगे, नितिन भोज, संजय यादव और हर्षित गुरु के नाम सामने आए हैं। कृष्णा युवा कांग्रेस चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं है जो जिस हिसाब से चुनाव कराया जाना है करा ले। पार्टी में लोकतंत्र है।
- यदि युवा कांग्रेस मे चुनाव लड़ने के लिए इंटरव्यू जरूरी है तो यह प्रक्रिया सांसद, विधायक और पार्षद का चुनाव लड़ने में क्यों नहीं अपनाई जा रही है। हमारी 15 साल की मेहनत को दिल्ली से आने वाले नेता 1 दिन में कैसे तय करेंगे। पिछले तीन साल में बड़ी मुश्किल से मेंबर बनाए हैं। अब ऊपर से नियम आ गया है कि ऑन लाइन मेंबरशिप कराई जाए तो यह कहां की तुक है। उनका कहना है कि मैं अपना बॉयोडाटा लेकर पीसीसी जाऊंगा, लेकिन इंटरव्यू नहीं दूंगा।